😢 हँसते हैं लोग मेरी तन्हाई पर… 😢
हँसते हैं लोग मेरी तन्हाई पर,
उन्हें क्या पता मैं रोकर मुस्कुराता हूँ।
चेहरे पर हँसी सजाए रखता हूँ,
मगर हर रात अपने दर्द से
चुपचाप बातें कर जाता हूँ।
मेरे प्यारे Members,
हर मुस्कुराता चेहरा
खुश हो, ये ज़रूरी नहीं,
हर ख़ामोश इंसान
बेफ़िक्र हो, ये भी ज़रूरी नहीं।
कुछ लोग अपने आँसुओं को
दुनिया से छुपा लेते हैं,
और अपने दर्द को
मुस्कुराहट की चादर में ढक लेते हैं।
लोग हमारी हँसी देखते हैं,
लेकिन उस हँसी के पीछे
छुपी हुई सैकड़ों अधूरी कहानियाँ नहीं देखते।
वे हमारी तन्हाई पर हँसते हैं,
क्योंकि उन्हें सिर्फ़ बाहर का चेहरा दिखाई देता है,
अंदर का टूटा हुआ दिल नहीं।
कई बार चाहा
कि किसी से दिल का हाल कह दें,
मगर हर बार यही लगा
कि शायद कोई समझ नहीं पाएगा।
इसलिए हमने अपने दर्द को
अपना राज़ बना लिया,
और अपनी ख़ामोशी को
अपना सबसे सच्चा हमसफ़र।
अब आँसू भी
इजाज़त लेकर नहीं आते,
बस रात की ख़ामोशी में
बिना आवाज़ बह जाते हैं।
और सुबह...
फिर वही मुस्कान,
वही चेहरा,
वही "मैं ठीक हूँ" का जवाब।
ज़िंदगी ने इतना तो सिखा ही दिया
कि हर किसी के सामने
दिल खोल देना ठीक नहीं।
कुछ लोग जज़्बात नहीं,
सिर्फ़ कमज़ोरियाँ ढूँढ़ते हैं।
इसलिए अब हमने
अपने दर्द को अल्फ़ाज़ नहीं,
दुआओँ में बदल दिया है।
जो समझेंगे,
वो हमारी ख़ामोशी भी पढ़ लेंगे।
और जो नहीं समझेंगे,
उन्हें हज़ार बातें कहकर भी
कुछ समझ नहीं आएगा।
आख़िर में बस इतना ही...
हँसते हैं लोग मेरी तन्हाई पर,
उन्हें क्या पता मैं रोकर मुस्कुराता हूँ।
हर दिन ख़ुद को समेटकर,
टूटे हुए दिल को फिर से समझाता हूँ।
किसी की नज़रों में
मैं मज़बूत हूँ,
किसी की नज़रों में
मैं बेफ़िक्र हूँ,
लेकिन मेरा दिल ही जानता है
कि कितनी बार
ख़ुद को टूटने से बचाया है।
अब शिकायत नहीं किसी से,
बस इतना सीखा है
हर मुस्कुराता इंसान
बेफ़िक्र नहीं होता,
हर तन्हा इंसान
कमज़ोर नहीं होता।
कुछ लोग अपने दर्द को
दुनिया से छुपाकर जीते हैं,
और हर सुबह
एक नई मुस्कान पहनकर
ज़िंदगी से फिर मिलते हैं।
इसलिए किसी की हँसी देखकर
उसकी ज़िंदगी का फ़ैसला मत करना,
हो सकता है
वो इंसान रात भर रोया हो,
और सुबह सिर्फ़ दुनिया की ख़ातिर
मुस्कुरा रहा हो।
Bhagyalakshmi ✍