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🍁🥀शायरों की टोली🌹🍾

3 224 members
31 July 2026
𝑏𝑢𝑡 𝑘𝑎𝑏ℎ𝑖 𝑏ℎ𝑖 𝑖𝑛 𝑠𝑎𝑏 𝑐ℎ𝑖𝑗𝑜 𝑘𝑒 𝑙𝑖𝑦𝑒 𝑡𝑒𝑛𝑡𝑖𝑜𝑛 𝑛𝑎 𝑙𝑖𝑦𝑎 𝑘𝑎𝑟𝑜 𝑘𝑦𝑎 𝑝𝑡𝑎 𝑏ℎ𝑎𝑔𝑤𝑎𝑎𝑛 𝑛𝑒 ℎ𝑎𝑚𝑒 𝑢𝑠ℎ𝑠𝑒 𝑏ℎ𝑖 𝑎𝑐𝑐ℎ𝑎 𝑑𝑒𝑘ℎ 𝑟𝑎𝑘ℎ𝑎 ℎ𝑜 ....
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𝑗𝑜 𝑏ℎ𝑖 ℎ𝑜𝑡𝑎 ℎ𝑎𝑖 𝑎𝑐𝑐ℎ𝑎 ℎ𝑜𝑡𝑎 ℎ𝑎𝑖𝑖𝑖𝑖.
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𝐒𝐚𝐦𝐮𝐧𝐝𝐚𝐫 𝐊𝐨 𝐊𝐲𝐚 𝐆𝐮𝐦 𝐇𝐚𝐢 𝐁𝐚𝐭𝐚 𝐁𝐡𝐢 𝐍𝐚𝐡𝐢 𝐒𝐚𝐤𝐭𝐚___!! 𝐏𝐚𝐧𝐢 𝐁𝐚𝐧𝐤𝐚𝐫 𝐀𝐚𝐧𝐤𝐡𝐨𝐧 𝐌𝐞𝐢𝐧 𝐀𝐚 𝐁𝐡𝐢 𝐍𝐚𝐡𝐢 𝐒𝐚𝐤𝐭𝐚___!! 𝐓𝐮 𝐊𝐚𝐡𝐞 𝐓𝐨𝐡 𝐄𝐤 𝐙𝐚𝐫𝐫𝐞 𝐌𝐞 𝐁𝐚𝐡 𝐉𝐚𝐮___!! 𝐕𝐚𝐫𝐧𝐚 𝐊𝐨𝐢 𝐓𝐮𝐟𝐚𝐧 𝐁𝐡𝐢 𝐌𝐮𝐣𝐡𝐞 𝐇𝐢𝐥𝐚 𝐍𝐚𝐡𝐢 𝐒𝐚𝐤𝐭𝐚___!!
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एकदम से आंख का नजारा बदल गया...... !! क्या कहूं कोई जान से प्यारा बदल गया ...... 💠 और थोड़ा सा बदलता तो मान भी लेते......! वो तो सारा का सारा बदल गया.....💠 और किसी को दिया था मौका दोबारा......! मौका मिलते ही वो दोबारा बदल गया.......💠 मोहब्बत सिखा कर जुदा हो गया न सोचा न समझा खफा हो गया....!! और दुनिया में कहे किसको अपना जो अपना था वहीं बेवफा हो गया.....💔💔 तू तो कहती थी कि कोई नहीं मरता किसी के बिना....! देख ले ये कहावत भी आज सच हो गई.....💠 तेरे घर में रौनक थी तो मेरे घर भी मेहमान आए थे....🫀 तेरी मेरी मोहब्ब्त में सिर्फ इतना सा ही फर्क था....💠 तुझे ले गया कोई और ब्याह के ... और मुझे मेरे घर वाले मुझे श्मशान में जला कर आए थे....!!
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जब उनकी हा में हा मिलाए तो दुनिया का सबसे अच्छा इंसान हो गया जब उनकी ही गलतियों पर रोक टोक किया तो दुनिया का सबसे बुरा इंसान हो गया, मेरे दोस्त इन हुसन चाल बाजो से बच के रहना कब तू इनका भाई ओर कब तू इनका सइया हो गया .......... *विमलेश वर्मा.......✍️
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🥀तन्हाइयों में सुकून है साहब… 🥀 तन्हाइयों में सुकून है साहब, महफ़िलों में दिल टूट जाते हैं। भीड़ में अपने कम मिलते हैं, और अक्सर चेहरे ही चेहरे नज़र आते हैं। मेरे प्यारे Members, कभी हम भी महफ़िलों के शौकीन थे, हर हँसी में अपनी ख़ुशी ढूँढ़ते थे, हर रिश्ते को सच्चा समझते थे, हर मुस्कुराते चेहरे को अपना मान लेते थे। मगर वक़्त ने धीरे-धीरे एक अलग ही सबक सिखाया। महफ़िलों में तालियाँ बहुत मिलीं, पर मुश्किल वक़्त में साथ देने वाले बहुत कम निकले। बातें करने वाले हज़ार मिले, मगर ख़ामोशी समझने वाला शायद ही कोई मिला। तब एहसास हुआ तन्हाई दुश्मन नहीं होती, कभी-कभी वही सबसे सच्ची दोस्त बन जाती है। तन्हाई में कोई दिखावा नहीं होता, कोई झूठी मुस्कान नहीं होती, कोई मतलब के रिश्ते नहीं होते, बस अपना दिल होता है और अपनी रूह की आवाज़ होती है। तन्हाई ने हमें खुद से मिलना सिखाया, अपनी कमज़ोरियों को स्वीकारना सिखाया, अपनी ताक़त पहचानना सिखाया। महफ़िलों ने अक्सर लोगों के चेहरे दिखाए, लेकिन तन्हाई ने अपना असली चेहरा दिखाया। अब शोर से ज़्यादा सुकून पसंद है, भीड़ से ज़्यादा ख़ामोशी पसंद है। क्योंकि जहाँ दिखावा कम हो, वहीं दिल को चैन मिलता है। जो लोग कहते हैं कि अकेलापन बहुत तकलीफ़ देता है, शायद उन्होंने गलत लोगों की भीड़ का दर्द नहीं देखा। कभी-कभी सौ लोगों के बीच बैठकर भी इंसान अकेला महसूस करता है, और कभी अकेले कमरे में बैठकर अपने आप से बातें करते हुए दिल को सुकून मिल जाता है। इसलिए अब शिकायत नहीं, न किसी से उम्मीद ज़्यादा, न किसी से नाराज़गी। जो दिल से अपने हैं, वे तन्हाई में भी साथ महसूस होते हैं, और जो सिर्फ़ महफ़िलों के साथी हैं, वे भीड़ में भी अजनबी लगते हैं। आख़िर में बस इतना ही... तन्हाइयों में सुकून है साहब, महफ़िलों में दिल टूट जाते हैं। भीड़ अक्सर तालियाँ देती है, मगर ज़ख्मों पर मरहम बहुत कम लोग लगाते हैं। अब हमने तन्हाई से दोस्ती कर ली है, क्योंकि उसने कभी धोखा नहीं दिया। उसने हर टूटे हुए पल में हमें संभालना सिखाया, हर आँसू के बाद मुस्कुराना सिखाया। अब अगर कभी महफ़िल में जाएँ भी, तो सिर्फ़ मुस्कुराने के लिए, अपनी पहचान खोने के लिए नहीं। क्योंकि असली सुकून भीड़ के शोर में नहीं, अपने दिल की ख़ामोशी में मिलता है। और जो इंसान तन्हाई में भी खुद के साथ खुश रहना सीख जाए, उसे दुन
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जो मुझे छोड़ कर चला गया उनके जाने का कोई मलाल नहीं है जो हमेशा मेरे साथ खड़ा है उनको छोड़ने का कोई ख्वाब नहीं है जिन्होंने हर पल दिया साथ मेरा उन सबके लिए मेरी जान हंसते हंसते कुर्बान है....... *विमलेश वर्मा.......✍️
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की यहां हर शख्स हर पल हादसा होने से डरता हैं! खिलौना हैं जो मिट्टी 👀 का फना होने से डरता हैं मेरे दिल ❣️के किसी कोने में एक मासूम सा बच्चा हैं 😊 जो बड़ो का हाल देख , बड़ा होने से डरता हैं 👍
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हाल ये दिल अब किसी को बताना नहीं मैं कैसा हु अब किसी को दिखाना नहीं मैं जैसा हु वैसा ही ठीक हु अब इस मतलबी दुनिया से मेरा कोई वास्ता नहीं...... *विमलेश वर्मा......✍️
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ऐ ज़िंदगी, तबाह है ज़िंदगी... ऐ ज़िंदगी, तबाह है ज़िंदगी, लोगों के फ़रेब में बर्बाद है ज़िंदगी। सोच-समझकर करना भरोसा यहाँ, चेहरों के पीछे छिपा एक और चेहरा है यहाँ। पहले अपने कहकर गले लगाते हैं, फिर वक़्त बदलते ही पराया बताते हैं। मतलब निकल जाए तो रिश्ते बदल जाते हैं, कल जो साथ थे, आज नज़रें चुरा जाते हैं। झूठ की महफ़िल में सच अकेला रह जाता है, हर मुस्कान के पीछे कोई राज़ छिप जाता है। अब तो दिल भी सोचकर धड़कता है, हर इंसान पर यक़ीन करने से डर लगता है। फिर भी हिम्मत मत हार ऐ दिल, हर शख़्स बेवफ़ा नहीं होता। कुछ लोग आज भी दुआ बनकर मिलते हैं, जो टूटे हुए इंसानों को फिर से जीना सिखाते हैं। ✍️ Koshal verma
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जब हम रिलेशनशिप में होते हैं तब अक्सर दोस्तों को भूल जाते हैं। उनसे मिलना-जुलना, बातें करना कम हो जाता है या फिर बंद ही हो जाता है। पर जब रिलेशनशिप किसी कारण आगे बढ़कर शादी में कन्वर्ट नहीं हो पाता है तब इंसान पूरी तरह से अकेला हो जाता है। तो हमेशा याद रखें, चाहे आप कितने भी Honest रिलेशनशिप में क्यों न हों पर अपने दोस्तों को कभी दूर न करें। दोस्त भले ही उतने करीब न हों जितना पार्टनर होता है पर दोस्त होने से ज़िंदगी आसान ज़रूर हो जाती है।
😢 हँसते हैं लोग मेरी तन्हाई पर… 😢 हँसते हैं लोग मेरी तन्हाई पर, उन्हें क्या पता मैं रोकर मुस्कुराता हूँ। चेहरे पर हँसी सजाए रखता हूँ, मगर हर रात अपने दर्द से चुपचाप बातें कर जाता हूँ। मेरे प्यारे Members, हर मुस्कुराता चेहरा खुश हो, ये ज़रूरी नहीं, हर ख़ामोश इंसान बेफ़िक्र हो, ये भी ज़रूरी नहीं। कुछ लोग अपने आँसुओं को दुनिया से छुपा लेते हैं, और अपने दर्द को मुस्कुराहट की चादर में ढक लेते हैं। लोग हमारी हँसी देखते हैं, लेकिन उस हँसी के पीछे छुपी हुई सैकड़ों अधूरी कहानियाँ नहीं देखते। वे हमारी तन्हाई पर हँसते हैं, क्योंकि उन्हें सिर्फ़ बाहर का चेहरा दिखाई देता है, अंदर का टूटा हुआ दिल नहीं। कई बार चाहा कि किसी से दिल का हाल कह दें, मगर हर बार यही लगा कि शायद कोई समझ नहीं पाएगा। इसलिए हमने अपने दर्द को अपना राज़ बना लिया, और अपनी ख़ामोशी को अपना सबसे सच्चा हमसफ़र। अब आँसू भी इजाज़त लेकर नहीं आते, बस रात की ख़ामोशी में बिना आवाज़ बह जाते हैं। और सुबह... फिर वही मुस्कान, वही चेहरा, वही "मैं ठीक हूँ" का जवाब। ज़िंदगी ने इतना तो सिखा ही दिया कि हर किसी के सामने दिल खोल देना ठीक नहीं। कुछ लोग जज़्बात नहीं, सिर्फ़ कमज़ोरियाँ ढूँढ़ते हैं। इसलिए अब हमने अपने दर्द को अल्फ़ाज़ नहीं, दुआओँ में बदल दिया है। जो समझेंगे, वो हमारी ख़ामोशी भी पढ़ लेंगे। और जो नहीं समझेंगे, उन्हें हज़ार बातें कहकर भी कुछ समझ नहीं आएगा। आख़िर में बस इतना ही... हँसते हैं लोग मेरी तन्हाई पर, उन्हें क्या पता मैं रोकर मुस्कुराता हूँ। हर दिन ख़ुद को समेटकर, टूटे हुए दिल को फिर से समझाता हूँ। किसी की नज़रों में मैं मज़बूत हूँ, किसी की नज़रों में मैं बेफ़िक्र हूँ, लेकिन मेरा दिल ही जानता है कि कितनी बार ख़ुद को टूटने से बचाया है। अब शिकायत नहीं किसी से, बस इतना सीखा है हर मुस्कुराता इंसान बेफ़िक्र नहीं होता, हर तन्हा इंसान कमज़ोर नहीं होता। कुछ लोग अपने दर्द को दुनिया से छुपाकर जीते हैं, और हर सुबह एक नई मुस्कान पहनकर ज़िंदगी से फिर मिलते हैं। इसलिए किसी की हँसी देखकर उसकी ज़िंदगी का फ़ैसला मत करना, हो सकता है वो इंसान रात भर रोया हो, और सुबह सिर्फ़ दुनिया की ख़ातिर मुस्कुरा रहा हो। Bhagyalakshmi ✍
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💔हर रात खुद से एक सवाल होता है…💔 हर रात खुद से एक सवाल होता है, क्यों मैं ही अकेला हूँ? भीड़ तो बहुत है इस दुनिया में, फिर भी दिल इतना तन्हा क्यों है? मेरे प्यारे Members, रात की ख़ामोशी जब चारों ओर फैल जाती है, तब दिल उन सवालों से मिल बैठता है जिनका जवाब दिन के शोर में कभी नहीं मिल पाता। कभी सोचता हूँ, क्या मेरी कमी थी? क्या मेरी ख़ामोशी गलत थी? या फिर वक़्त का यही फ़ैसला था कि कुछ रास्ते अकेले ही तय करने होंगे। लोग आते रहे, कुछ मुस्कुराकर मिले, कुछ वादे करके चले गए, और कुछ बिना कुछ कहे यादों का हिस्सा बन गए। तब समझ आया अकेलापन हमेशा हार की निशानी नहीं होता, कई बार यह खुद को पहचानने की शुरुआत होता है। इस सफ़र ने सिखाया कि हर साथ हमेशा नहीं रहता, हर रिश्ता उम्रभर नहीं चलता, और हर उम्मीद पूरी नहीं होती। फिर भी ज़िंदगी रुकती नहीं। हर सुबह एक नया अवसर लेकर आती है, हर शाम एक नई सीख देकर जाती है। धीरे-धीरे दिल भी सीख जाता है कि अपनी मुस्कान की वजह खुद बनना कितना ज़रूरी है। अब अगर कोई साथ चले, तो दिल से चले। अगर कोई दूर हो जाए, तो उसकी याद रहे, लेकिन अपनी राह न रुके। क्योंकि मंज़िल उन्हीं को मिलती है जो टूटकर भी चलना नहीं छोड़ते। आख़िर में बस इतना ही… हर रात खुद से एक सवाल होता है क्यों मैं ही अकेला हूँ? फिर दिल ही जवाब देता है अकेला ज़रूर हूँ, मगर हारा हुआ नहीं हूँ। आज का अकेलापन कल की ताक़त बन सकता है। आज की ख़ामोशी कल की पहचान बन सकती है। और आज के आँसू कल की मुस्कान की वजह भी बन सकते हैं। इसलिए रात चाहे जितनी लंबी हो, सुबह फिर भी आती है। उम्मीद चाहे कितनी भी छोटी हो, वही इंसान को आगे बढ़ने की हिम्मत देती है। अकेले चलना मुश्किल हो सकता है, लेकिन यही सफ़र कई बार इंसान को सबसे मज़बूत बना देता है। Bhagyalakshmi ✍
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Zindagi agar khawab huyi toh Mout agar La_jawab huyi toh Tumhe laga mein khamosh hu Khamoshi mein meri aawaz huyi toh Mein yahan sabse naraz hoon Zindagi mujhse naraz huyi toh Woh bola mohabbat nahi tumhe Main bola be-hisab huyi toh Muskura raha hu tere samne Yeh aankh tere baad royi toh Main samjha hoon ki tum aaye ho Yeh agar phir Teri yaad huyi toh Woh kehti hai kitna Likha hoga Main bola puri kitaab huyi toh😫🙌🏻 दैविक
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तेरे माथे को चूमना है, तेरे हाथों से बना हर निवाला खाना है। जैसे प्रभु के चरण श्रद्धा से धोए जाते हैं, वैसे ही तेरे हर दुख को अपनी दुआओँ से धोना है। तू बस मोहब्बत निभा लेना, तेरे लिए पूरी दुनिया से भी लड़ जाना है। तेरे जिस्म से नहीं, तेरी सादगी, तेरी रूह और तेरे किरदार से इश्क़ करना है। तेरे साथ केदारनाथ की उन वादियों में चलना है, जहाँ हर दुआ में बस तेरा ही नाम होना है। तेरे पीरियड्स के उन मुश्किल दिनों में, तुझे अकेला नहीं छोड़ूँगा, तेरी ताक़त, तेरी मुस्कान और तेरा सहारा बनूँगा। चाँद-तारे तो शायद न ला सकूँ, मगर तेरी हर छोटी ख़ुशी के लिए पूरी ज़िंदगी लगा दूँगा। महँगे तोहफ़े न सही, तेरे लिए एक सादा-सा दुपट्टा भी पूरे दिल से लाऊँगा। क्योंकि मोहब्बत तोहफ़ों से नहीं, निभाने से साबित होती है... और मैं तुझे हर हाल में निभाना चाहता हूँ। ✍️Koshal verma
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प्यास डूबते हुओं की बुझाई होगी रिश्ते हथेली पे सजाएं है रेत की तरह
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🌹🌙 Good Night मेरी प्यारे Members 🌙🌹 फूलों की तरह महकती रहे आपकी हर सुबह, चाँदनी की तरह सजी रहे आपकी हर रात। हर अधूरी दुआ पूरी हो जाए, और हर कदम पर मिले खुशियों की सौगात। मेरे प्यारे Members, अगर कभी ज़िंदगी की राहों में थक जाओ, तो इन फूलों की तरह मुस्कुराना मत छोड़ना, क्योंकि खुशबू वही फैलाते हैं, जो हर मौसम में खिलना जानते हैं। ईश्वर आपकी हर चिंता दूर करें, हर सपना आपकी आँखों में सजाएँ, और आज की यह प्यारी रात आपके जीवन में सुकून और मीठे सपनों की बरसात लाए। मेरी प्यारे Members, ये फूल दिल से आप सभी के लिए हैं। मुस्कुराते रहिए, खुश रहिए और अपना ख़याल रखिए। शुभ रात्रि। मीठे सपनों के साथ कल फिर मुलाक़ात होगी। Bhagyalakshmi ✍
1 August 2026
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🌹 सुप्रभात मेरी प्यारे Members🌹 फूलों की तरह महकती रहे आपकी हर सुबह, मुस्कानों से सजा रहे आपका हर एक लम्हा। ज़िंदगी के गुलशन में खुशियों के रंग यूँ ही खिलते रहें, हर कदम पर सफलता और अपनों का साथ मिलता रहे। 🌹 जैसे इस गुलदस्ते का हर फूल अपनी अलग पहचान रखता है, वैसे ही आप सबकी मुस्कान इस महफ़िल की सबसे बड़ी शान रखती है। दुआ है ईश्वर से आज का दिन आपके लिए नई उम्मीद, नई ऊर्जा और ढेर सारी खुशियाँ लेकर आए। सुप्रभात मेरे प्यारे Members! आपका हर सपना महके फूलों की तरह, और आपका हर दिन बीते खुशियों की बहार के साथ। 💐 Bhagyalakshmi ✍
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ज़ख़्म पैवस्त रहा,मेहरबां की तरह, और तू ख़्यालों में है,सबा की तरह तेरे इजलास के हम हैं सज़ायाफ्ता, तू लबों पर हमारे, है दुआ की तरह...!!!
🌸 Breakfast मेरे प्यारे Members 🌸 आज के नाश्ते में खीर और रोटी का स्वाद लिया, सच कहूँ... इसका कॉम्बिनेशन कमाल लगा। मीठी-सी खीर, सादी-सी रोटी, दोनों ने मिलकर दिल की भूख भी मिटा दी। ज़िंदगी भी कुछ ऐसी ही होती है, सादगी में ही सबसे बड़ी खुशी छुपी होती है। इसलिए सोचा आप सबसे भी कह दूँ, आज अगर मौका मिले तो खीर और रोटी का ये प्यारा-सा नाश्ता ज़रूर आज़माइए। 🥣 ईश्वर करे आपका हर सवेरा मीठी खीर-सा सुकून दे, और रोटी-सी सादगी आपके जीवन में खुशियों की खुशबू भर दे। मुस्कुराइए, स्वस्थ रहिए और प्यार से नाश्ता कीजिए। आप सभी का दिन मंगलमय, सुखमय और खुशियों से भरा रहे। Bhagyalakshmi ✍
💪🥀 तन्हा हूँ मगर कमज़ोर नहीं… 🥀💪 तन्हा हूँ मगर कमज़ोर नहीं, हर दर्द ने मुझे मज़बूत बनाया है। जो ज़ख्म कभी रुला देते थे, आज उन्हीं ज़ख्मों ने जीना सिखाया है। मेरे प्यारे Members, अकेले चलना आसान नहीं होता, हर मोड़ पर कोई अपना भी साथ छोड़ देता है, हर मुस्कुराता चेहरा अपना नहीं होता, और हर रिश्ता आख़िर तक साथ निभाए, ये भी ज़रूरी नहीं होता। ज़िंदगी ने बहुत बार गिराया, हालात ने कई बार आज़माया, अपनों ने भी कभी-कभी समझा नहीं, वक़्त ने भी हर मोड़ पर धैर्य की परीक्षा ली। लेकिन मैंने हार मानना नहीं सीखा। हर आँसू ने मुझे सब्र दिया, हर ठोकर ने संभलकर चलना सिखाया, हर नाकामी ने मेहनत का मतलब समझाया, और हर दर्द ने मेरे हौसलों को पहले से कहीं ज़्यादा मज़बूत बनाया। अब तन्हाई से डर नहीं लगता, क्योंकि इसी तन्हाई ने मुझे खुद से मिलवाया है। अब भीड़ की ज़रूरत नहीं पड़ती, क्योंकि मैंने अपने हौसलों को अपना सबसे सच्चा साथी बना लिया है। लोग समझते हैं कि अकेला इंसान टूट जाता है, लेकिन सच तो यह है जो इंसान अकेले चलना सीख जाता है, उसे दुनिया की कोई राह डरा नहीं सकती। मैंने वक़्त से यही सीखा है कि शिकायतों से कुछ नहीं बदलता, बदलता है तो सिर्फ़ मेहनत, धैर्य और विश्वास। इसलिए अब मैं मुश्किलों से भागता नहीं, उनका सामना करता हूँ। अगर आज सफ़र कठिन है, तो यक़ीन है कि मंज़िल भी ख़ास होगी। अगर आज राहों में काँटे हैं, तो कल इन्हीं राहों पर मेरे कदमों के निशान होंगे। मैं तन्हा ज़रूर हूँ, लेकिन बेबस नहीं। मैं ख़ामोश ज़रूर हूँ, लेकिन हारा हुआ नहीं। मेरे इरादे आज भी उतने ही मज़बूत हैं, जितने पहले दिन थे। आख़िर में बस इतना ही… तन्हा हूँ मगर कमज़ोर नहीं, हर दर्द ने मुझे मज़बूत बनाया है। हर आँसू ने एक नई सीख दी, हर ठोकर ने मुझे आगे बढ़ाया है। अब न हालात से डर है, न लोगों की बातों का असर है। जो साथ चलेंगे, उनका दिल से स्वागत होगा। जो बीच रास्ते छोड़ जाएँगे, उनके लिए भी कोई शिकायत नहीं होगी। क्योंकि मैंने समझ लिया है ज़िंदगी की सबसे बड़ी ताक़त किसी के सहारे में नहीं, खुद पर भरोसा रखने में होती है। मैं तन्हा हूँ, लेकिन मेरे हौसले मेरे साथ हैं। मैं अकेला हूँ, लेकिन मेरे सपने मेरे साथ हैं। और जब तक ये हौसले ज़िंदा हैं, कोई भी मुश्किल मेरी मंज़िल मुझसे छीन नहीं सकती। क्योंकि तन्हाई ने मुझे तोड़ा नहीं, बल्कि ऐसा
🥀 ख़ुशी ढूँढते हैं लोग दुनिया में… 🥀 ख़ुशी ढूँढते हैं लोग दुनिया में, मुझे तो अब तन्हाई भी प्यारी लगती है। जहाँ कोई दिखावा नहीं होता, वहाँ ख़ामोशी भी अपनी-सी लगती है। मेरे प्यारे Members, पहले हम भी महफ़िलों के दीवानी थे, हर चेहरे में अपना ढूँढ़ते थे, हर रिश्ते को उम्रभर का साथ समझते थे, हर मुस्कान पर यक़ीन कर लेते थे। मगर वक़्त ने धीरे-धीरे सच्चाई का आईना दिखा दिया। भीड़ बहुत मिली, मगर अपना कोई नहीं मिला। तालियाँ बहुत सुनने को मिलीं, मगर मुश्किल वक़्त में कंधा देने वाला कोई नहीं मिला। तब समझ आया तन्हाई सज़ा नहीं होती, कभी-कभी वही सबसे बड़ा सुकून होती है। तन्हाई में कोई झूठ नहीं होता, कोई बनावट नहीं होती, कोई मतलब का रिश्ता नहीं होता, बस अपना दिल होता है और अपनी रूह की सच्ची आवाज़ होती है। अब रात की ख़ामोशी भी अच्छी लगने लगी है, चाँद से बातें करना भी अपना-सा लगने लगा है। अब अकेले सफ़र करने से डर नहीं लगता, क्योंकि तन्हाई ने मुझे खुद से मिलना सिखा दिया है। उसने सिखाया कि सबका साथ हमेशा नहीं मिलता, लेकिन अगर इंसान खुद का साथ देना सीख जाए, तो कोई अकेलापन उसे तोड़ नहीं सकता। अब न किसी से शिकायत है, न किसी से कोई उम्मीद। जो दिल से अपने हैं, वो बिना बुलाए भी साथ खड़े रहते हैं, और जो सिर्फ़ मतलब के थे, वो भीड़ में भी अजनबी ही रहे। अब ख़ुशी की तलाश दुनिया में नहीं करता दिल, क्योंकि असली सुकून खुद के साथ बैठने में मिलता है। एक कप चाय, थोड़ी-सी ख़ामोशी, खुला आसमान, और अपने ख़्वाब... बस इतनी-सी दुनिया ही अब बहुत प्यारी लगती है। आख़िर में बस इतना ही... ख़ुशी ढूँढते हैं लोग दुनिया में, मुझे तो अब तन्हाई भी प्यारी लगती है। क्योंकि तन्हाई ने कभी धोखा नहीं दिया, कभी झूठी उम्मीद नहीं दी, कभी नकली रिश्तों का बोझ नहीं दिया। उसने मुझे टूटकर भी संभलना सिखाया, रोकर भी मुस्कुराना सिखाया, और सबसे बड़ी बात खुद की क़ीमत समझना सिखाया। अब अगर कोई साथ चले तो दिल से चले, और अगर कोई छोड़कर चला जाए, तो उसके जाने का अफ़सोस नहीं। क्योंकि मैंने सीख लिया है जो इंसान अपनी तन्हाई में भी सुकून ढूँढ लेता है, उसे दुनिया की कोई महफ़िल अधूरा नहीं कर सकती। अब ख़ुशी भी अपने अंदर मिलती है, और सुकून भी अपनी ख़ामोशी में। इसलिए लोग चाहे दुनिया भर में ख़ुशियाँ तलाशते रहें, मुझे तो अब मेरी तन्हाई ही सबसे ख़ूबस
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🥀 अकेलापन सज़ा नहीं, सबक है… 🥀 अकेलापन सज़ा नहीं, सबक है, जो सिखाता है कौन अपना है। भीड़ में जो साथ होने का दावा करते हैं, वक़्त आने पर वही पता चलता है कि कौन सच में अपना है। मेरे प्यारे Members, ज़िंदगी के सफ़र में हर मोड़ पर लोग मिलते हैं, कुछ मुस्कुराकर साथ चलते हैं, कुछ वादे करते हैं, और कुछ हमेशा साथ रहने की बातें भी करते हैं। लेकिन वक़्त... वक़्त हर चेहरे से नक़ाब हटा देता है। जो अपने होते हैं, वो मुश्किल घड़ी में हाथ थाम लेते हैं, और जो सिर्फ़ मतलब के होते हैं, वो बहाने बनाकर दूर हो जाते हैं। तभी समझ आता है अकेलापन हमें तोड़ने नहीं, हमें पहचान देना आता है। उसने सिखाया कि हर मुस्कुराता चेहरा अपना नहीं होता, हर मीठी बात सच्ची नहीं होती, और हर रिश्ता उम्रभर का नहीं होता। जब कोई साथ नहीं होता, तब इंसान अपने भीतर झाँकना सीखता है। वो अपनी कमज़ोरियों को पहचानता है, अपने हौसलों को मज़बूत बनाता है, और बिना किसी सहारे के आगे बढ़ना सीख जाता है। अकेलापन यह भी सिखाता है कि सबसे मज़बूत सहारा दूसरों का नहीं, खुद पर रखा गया भरोसा होता है। अब अगर कोई साथ चले, तो दिल से चले। अगर कोई छोड़कर जाए, तो उसे रोकने की ज़िद नहीं। क्योंकि जो रिश्ता दिल से होता है, उसे मजबूरी नहीं, मोहब्बत निभाती है। आज अगर मैं अकेला हूँ, तो इसका मतलब यह नहीं कि मैं कमज़ोर हूँ। इसका मतलब सिर्फ़ इतना है कि मैंने झूठे रिश्तों की भीड़ से बेहतर सच्ची तन्हाई को चुना है। अब न हर किसी से उम्मीद है, न हर किसी को अपनी कहानी सुनाने की चाह। जो मेरी ख़ामोशी समझेगा, वही मेरा अपना होगा। और जो सिर्फ़ शब्द सुनना चाहता है, वो कभी मेरे दिल तक पहुँच ही नहीं पाएगा। आख़िर में बस इतना ही… अकेलापन सज़ा नहीं, सबक है, जो सिखाता है कौन अपना है। यह हमें गिराकर नहीं, संभलकर चलना सिखाता है। यह बताता है कि हर रिश्ता हमेशा नहीं रहता, लेकिन हर अनुभव हमें पहले से बेहतर इंसान बना जाता है। इसने मुझे सिखाया कि अपनी ख़ुशी किसी और पर निर्भर मत करो, अपनी मुस्कान की वजह खुद बनो। क्योंकि दुनिया बदलती रहेगी, लोग आते-जाते रहेंगे, हालात भी बदलेंगे। लेकिन जो इंसान अकेले चलना सीख जाता है, वह कभी रास्तों से नहीं डरता। इसलिए अब अकेलेपन से डर नहीं लगता, क्योंकि उसने मुझे टूटना नहीं, मज़बूती से जीना सिखाया है। उसने मुझे यह एहसास कराया है कि ज़िं
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वो मिलने आये थे, मुझ जैसे शख्स से, जिस शख्स की लाश को मैं कहीं दूर जाकर दफन कर आय्या हु.....!!😢😢😢😢
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