💪🥀 तन्हा हूँ मगर कमज़ोर नहीं… 🥀💪
तन्हा हूँ मगर कमज़ोर नहीं,
हर दर्द ने मुझे मज़बूत बनाया है।
जो ज़ख्म कभी रुला देते थे,
आज उन्हीं ज़ख्मों ने जीना सिखाया है।
मेरे प्यारे Members,
अकेले चलना आसान नहीं होता,
हर मोड़ पर कोई अपना भी साथ छोड़ देता है,
हर मुस्कुराता चेहरा अपना नहीं होता,
और हर रिश्ता आख़िर तक साथ निभाए,
ये भी ज़रूरी नहीं होता।
ज़िंदगी ने बहुत बार गिराया,
हालात ने कई बार आज़माया,
अपनों ने भी कभी-कभी समझा नहीं,
वक़्त ने भी हर मोड़ पर धैर्य की परीक्षा ली।
लेकिन मैंने हार मानना नहीं सीखा।
हर आँसू ने मुझे सब्र दिया,
हर ठोकर ने संभलकर चलना सिखाया,
हर नाकामी ने मेहनत का मतलब समझाया,
और हर दर्द ने मेरे हौसलों को
पहले से कहीं ज़्यादा मज़बूत बनाया।
अब तन्हाई से डर नहीं लगता,
क्योंकि इसी तन्हाई ने
मुझे खुद से मिलवाया है।
अब भीड़ की ज़रूरत नहीं पड़ती,
क्योंकि मैंने अपने हौसलों को
अपना सबसे सच्चा साथी बना लिया है।
लोग समझते हैं कि
अकेला इंसान टूट जाता है,
लेकिन सच तो यह है
जो इंसान अकेले चलना सीख जाता है,
उसे दुनिया की कोई राह डरा नहीं सकती।
मैंने वक़्त से यही सीखा है
कि शिकायतों से कुछ नहीं बदलता,
बदलता है तो सिर्फ़
मेहनत, धैर्य और विश्वास।
इसलिए अब मैं
मुश्किलों से भागता नहीं,
उनका सामना करता हूँ।
अगर आज सफ़र कठिन है,
तो यक़ीन है कि मंज़िल भी ख़ास होगी।
अगर आज राहों में काँटे हैं,
तो कल इन्हीं राहों पर
मेरे कदमों के निशान होंगे।
मैं तन्हा ज़रूर हूँ,
लेकिन बेबस नहीं।
मैं ख़ामोश ज़रूर हूँ,
लेकिन हारा हुआ नहीं।
मेरे इरादे आज भी उतने ही मज़बूत हैं,
जितने पहले दिन थे।
आख़िर में बस इतना ही…
तन्हा हूँ मगर कमज़ोर नहीं,
हर दर्द ने मुझे मज़बूत बनाया है।
हर आँसू ने एक नई सीख दी,
हर ठोकर ने मुझे आगे बढ़ाया है।
अब न हालात से डर है,
न लोगों की बातों का असर है।
जो साथ चलेंगे,
उनका दिल से स्वागत होगा।
जो बीच रास्ते छोड़ जाएँगे,
उनके लिए भी कोई शिकायत नहीं होगी।
क्योंकि मैंने समझ लिया है
ज़िंदगी की सबसे बड़ी ताक़त
किसी के सहारे में नहीं,
खुद पर भरोसा रखने में होती है।
मैं तन्हा हूँ,
लेकिन मेरे हौसले मेरे साथ हैं।
मैं अकेला हूँ,
लेकिन मेरे सपने मेरे साथ हैं।
और जब तक ये हौसले ज़िंदा हैं,
कोई भी मुश्किल
मेरी मंज़िल मुझसे छीन नहीं सकती।
क्योंकि तन्हाई ने मुझे तोड़ा नहीं,
बल्कि ऐसा इंसान बनाया है
जो हर तूफ़ान के बाद
और भी मज़बूती से खड़ा होना जानता है।
Bhagyalakshmi ✍