तेरे माथे को चूमना है,
तेरे हाथों से बना हर निवाला खाना है।
जैसे प्रभु के चरण श्रद्धा से धोए जाते हैं,
वैसे ही तेरे हर दुख को अपनी दुआओँ से धोना है।
तू बस मोहब्बत निभा लेना,
तेरे लिए पूरी दुनिया से भी लड़ जाना है।
तेरे जिस्म से नहीं,
तेरी सादगी, तेरी रूह और तेरे किरदार से इश्क़ करना है।
तेरे साथ केदारनाथ की उन वादियों में चलना है,
जहाँ हर दुआ में बस तेरा ही नाम होना है।
तेरे पीरियड्स के उन मुश्किल दिनों में,
तुझे अकेला नहीं छोड़ूँगा,
तेरी ताक़त, तेरी मुस्कान और तेरा सहारा बनूँगा।
चाँद-तारे तो शायद न ला सकूँ,
मगर तेरी हर छोटी ख़ुशी के लिए पूरी ज़िंदगी लगा दूँगा।
महँगे तोहफ़े न सही,
तेरे लिए एक सादा-सा दुपट्टा भी पूरे दिल से लाऊँगा।
क्योंकि मोहब्बत तोहफ़ों से नहीं,
निभाने से साबित होती है...
और मैं तुझे हर हाल में निभाना चाहता हूँ।
✍️Koshal verma